01 January, 2024

• कल और आज

एक ओर गुज़रा हुआ ख़ामोश पल,
तज्रुबा और पुख़्तगी१ का फ़ैज़ान२,
दूसरी ओर वल्वला-अफ़ज़ा३ मौजूदा घड़ी,
मासूम और हौसलामंद अरमान४,
आज की रहगुज़र५ ही करती है तय,
आनेवाले कल के बुनियाद-ओ-अरकान६,
बीता हुआ लमहा हर करता है तहरीर७,
मुस्तक़्बिल८ वक़्त की ज़ीनत-ए-मुसकान.

(१-maturity, २-abundance, ३-cheering, ४-aspiration, ५-path, ६-foundation and pillars, ७-script, ८-future)

■ New Year Greetings
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2 comments:

Anonymous said...

बहुत खूब

Anonymous said...

सही