22 October, 2019

• मुकम्मल

लब बस तअमील१ करने के क़ाबिल हैं,
अलफ़ाज़२ महज़ ज़रीआ है इज़हार३ का,
जज़्बात४ अकसर मजबूर ही रह जाते हैं,
नायाब होता है मुकम्मल५ होना इश्क़ का.

(१-obey, २-words, ३-express, ४-emotions, ५-absolute)
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